Khatu Shyam Fair: राजस्थान में हर साल की तरह इस साल भी 28 फरवरी से खाटू श्याम मंदिर के फाल्गुनी लक्खी मेले का आयोजन होने जा रहा है। आपको बता दें कि इस बार यह फाल्गुनी लक्खी मेला 12 दिनों के लिए आयोजित होगा और इसका समापन 11 मार्च 2025 को किया जाएगा।
खाटू श्याम मंदिर के फाल्गुनी लक्खी मेले अवधि बढ़ा दी गई है, जिसका पीछे का कारण यह बताया गया है कि बीते कई सालों से देखा जा रहा है कि मेले के समय दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है और यहां पूजा करने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले की अवधि को अधिक बढ़ाया गया है, जिससे भीड़ को व्यवस्थित किया जाएं।
संबंधित अधिकारियों से भी लिए गए थे सुझाव
फाल्गुनी मास में लगने वाले इस वार्षिक लक्खी मेले की तैयारी के लिए प्रशासन मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। मेले की सारी तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर 29 जनवरी को जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने एसपी भवन भूषण यादव और सभी विभागीय अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए कई तरह के सुझाव मांगे और साथ ही व्यापारियों, स्थानीय लोगों और अधिकारियों के सुझाव भी लिए। इसके अलावा, उन्होंने कई नियम-कायदों की घोषणा भी की।
सामान्य श्रद्धालुओं के साथ करेंगे सब दर्शन
इस साल मेले में वीआईपी दर्शन पर पाबंदी लगा दी गई है, जिससे यहां सिर्फ सरकारी प्रोटोकॉल वाले वीआईपी लोगों को छोड़कर बाकी किसी भी व्यक्ति को सामान्य श्रद्धालु की तरह ही मंदिर में दर्शन करना होगा।
मेले को लेकर की गई मैराथन बैठक
मेले को लेकर प्रशासन की एक मैराथन बैठक बुलाई गई थी, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग मुद्दों और व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया और विभिन्न सुझाव रखे। इसमें ट्रैफिक से जुड़े भी कई फैसले भी लिए गए।
श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाएं
मेले में आने वाले भक्तों की वजह से ट्रैफिक की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए रूट बदलने का निर्णय लिया गया। श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन करने का अवसर मिल सके, इसके लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। जिला कलेक्टर ने पिछले साल हुए मेले की कुछ कमियों को देखते हुए इस साल और बेहतर व्यवस्थाएं करने की तैयारी की है।
ये सुविधाएं भी रहेगीं उपलब्ध
इस बार के लक्खी मेले में ई-रिक्शा के लिए अलग से जोन बनाया जाएगा। इसके अलावा, मेले के दौरान 52 बीघा में पार्किंग जोन बनवाया जाएगा, जिससे आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन को पार्क कर पाएंगे। लक्खी मेले के दौरान सुगम दर्शन के लिए एक क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, ताकि लोग क्यूआर कोड स्कैन करके मंदिर परिसर तक आसानी से पहुंच सकें।
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