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Rose Temple: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटूश्याम मंदिर में मनोकामना मांगने से पहले हर भक्त गुलाब का फूल चढ़ाता है। यहां गुलाब के फूल बिना दर्शन अधूरा माना जाता है।

Rose Temple: आज 7 फरवरी से वैलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो गई है। पहला दिन रोज डे के रूप में मनाया जा रहा है। इस दिन प्रेमी प्रेमिका गुलाब देकर अपने प्यार का इजहार करते हैं। गुलाब प्रेम का प्रतीक होता। प्रेमी - प्रेमिका ही नहीं, बल्कि भक्त भगवान को भी गुलाब देकर प्रेम का इज़हार करते हैं। आइए राजस्थान के एक ऐसी मंदिर के बारे में जानते हैं, जहां भक्त मनोकामना मांगने के पहले भगवान को गुलाब का फूल देते हैं।

सीकर में स्थित है ये विश्व प्रसिद्ध मंदिर

मंदिर की हम बात कर रहे हैं वह है सीकर में स्थित विश्व प्रसिद्ध खाटू श्याम का मंदिर, जहां हर भक्त मनोकामना मांगने के पहले गुलाब का फूल अर्पित करते हैं। बच्चे, बूढ़े और जवान सभी दर्शन करने जाते हैं तो गुलाब का फूल लेकर जाते हैं।

आरती के दौरान भी होता है फूल का उपयोग

बाबा खाटू श्याम जिन्हें हारे का सहारा भी कहा जाता है, वो रोजाना नए आलौकिक रूप में नजर आते हैं। श्रृंगार और आरती के समय पुजारी सुगंधित फूलों का उपयोग करते हैं। पुजारी श्रृंगार के दौरान कोलकाता के विशेष फूलों का उपयोग करते हैं। जानकारी के मुताबिक बाबा खाटू श्याम को फूलों का सुगंध अति प्रिय है, यही कारण है कि यहां के गर्भगृह में फूलों की सुगंध महकती रहती है।

14 लाईनों में होते हैं दर्शन

बाबा श्याम के दर्शन के लिए 14 लाइनों में श्रद्धालुओं पहुंचते हैं। पहली लाइन को वीआईपी दर्शन लाइन कहा जाता है, इसी लाइन में लगे लोग गर्भगृह तक पहुंच पाते हैं। बाकी 13 लाइन को गर्भगृह से पहले रोक दिया जाता है, ये लोग गर्भगृह नहीं पहुंच पाते। ऐसे में वो लोग दूर से ही गुलाब का फूल फेंक देते हैं। कहा जाता है कि जो भक्त बाबा के अतिप्रिय होते हैं उनका फूल गर्भगृह तक पहुंच पाता है।

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