Ganga Temple: राजस्थान के भरतपुर में उत्तर भारत का एक मात्र गंगा मंदिर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण महाराजा बलबंत सिंह ने साल 1845 में कराया था। इसके बाद महाराजा की पांच पीढ़ियों तक इस मंदिर का निर्माण कार्य चलता रहा। यह कार्य अंतिम शासक महाराजा सवाई वृजेन्द्र सिंह के कार्यकाल के दौरान पूरा हुआ था।
मुस्लिम कारीगर ने बनाई थी मां की मूर्ति
साल 1937 में महाराजा सवाई वृजेन्द्र सिंह ने कार्य पूरा होने पर इस मंदिर में गंगा मां की मूर्ति स्थापित कराई थी। खास बात यह है कि इस मंदिर की मूर्ति को बनाने का काम एक मुस्लिम कारीगर के हाथों किया गया था।
रोज सुबह शाम होती है मां गंगा की आरती
इस मंदिर में रोजाना सुबह और शाम को मां गंगा की आरती और पूज अर्चना की जाती है। यह पूरे उत्तर भारत का एकलौता गंगा मंदिर है जो राजस्थान के भरतपुर में स्थित है। इसी कारण से हजारों भक्त यहां आकर माता के दर्शन करते है।
मंदिर से जुड़ा इतिहास
माना जाता है कि भरतपुर के महाराजा बलवंत सिंह ने हरिद्वार जाकर मां गंगा से एक संतान पाने की मन्नत मांगी थी। संतान प्राप्त होने के बाद उन्होंने भरतपुर में इस मंदिर की नींव रखी थी। तब से आज तक प्रतिदिन मंदिर में गंगा मैया को जल से स्नान कराया जाता है और भक्तों को प्रसाद के रूप में गंगा जल दिया जाता है।
गंगा जल के लिए बनाया गया है एक हौज
मंदिर में गंगा जल के लिए एक हौज भी बनाया हुआ है जिसमें करीब 15 हजार लीटर गंगा जल भरा जा सकता है। हर साल गंगा नदी से हौज भरने के लिए जल लाया जाता है।
लोहागढ़ किले के सामने बना हुआ गंगा मंदिर
राजा द्वारा इस मंदिर को लोहागढ़ किले के सामने बनवाया गया ताकि हर सुबह राजा और रानी को महल से सिधे गंगा मां के दर्शन हो सकें। यहां के सभी राजाओं में गंगा मां के लिए विशेष श्रध्दा थी।
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