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Maa Padmavati Temple: राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश और गुजरात से भी दर्शन के लिए श्रद्धालु आते हैं। अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए नंगे पांव अंगारों पर चलते हैं।

Maa Padmavati Temple : भारत देश में अनेकों तरीके के मंदिर हैं और मंदिर की परंपराएं भी एक दूसरे से अलग है। लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए कई तरह के मान्यताओं का पालन करते हैं। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य हुआ कि राजस्थान में एक ऐसा मंदिर भी है जहां लोग अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए नंगे पांव अंगारों पर चलते हैं। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के निनोर गांव में स्थित मां पद्मावती का मंदिर है। दूर दराज से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश और गुजरात से भी श्रद्धालु आते हैं। मां पद्मावती की मंदिर के बारे में आइए जानते है

3300 पुराना मंदिर,जानिए इसकी कहानी

मंदिर 3300 साल पुराना है जो महाभारत काल के समय से माना जाता है। प्रतापगढ़ जिले के निनोर गांव में मंदिर स्थित है। मां पद्मावती के मंदिर से लोगों की आस्था इतनी जुड़ी हुई है कि सभी वर्ग के लोग नंगे पांव अंगारों पर चलकर दर्शन करते हैं। इस मंदिर के प्रति लोगों की श्रद्धा इतनी है कि बिना किसी डर के लोग अंगारों पर चलते हैं। 

मां पद्मावती दिन में तीन बार बदलती रूप 

निनोर गांव के लोग ऐसा कहते हैं की मां पद्मावती दिन में तीन बार रूप धारण करतीं हैं। इसे त्रिरूपधारिणी भी कहते हैं। मंदिर का जुड़ाव महाभारत काल के समय से माना जाता है। इस कस्बे से नल और दमयंती कभी जुड़ाव रहा है। नल दमयन्ती का उल्लेख महाभारत काल में मिलता है।

अंगारों पर नंगे पांव चलते भक्त

सबसे पहले अंगारों पर मंदिर के पुजारी नंगे पांव चलकर मां के दर्शन करते हैं। इसके बाद श्रद्धालु नंगे पांव अंगारों पर चलकर दर्शन करते हैं। मंदिर के पास ही एक कुआं स्थित है कुए के पानी से सबसे पहले श्रद्धालु अपने पांव को साफ करते हैं उसके बाद धड़कते अंगारों पर नंगे पांव चलते हैं । अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए श्रद्धालु नंगे पांव अंगारों पर चलते हैं।

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