Rajasthan Temple: राजस्थान में बुटाटी धाम के नाम से प्रसिद्ध इस मंदिर में माना जाता है कि इस मंदिर में पैरालिसिस से पीड़ित लोगों का इलाज किया जाता है। संत चतुरदास महाराज मंदिर में इन दिनों देशभर से भक्तों की भीड़ आ रही है। लोगों का कहना है कि जो भी लकवे से ग्रस्त मरीज यहा आता है उसे सात दिनों तक मंदिर में रोका जाता है। इस दौरान सुबह शाम आरती और परिक्रमा की जाती है। इसके बाद भभूत ग्रहण करने मात्र से मरीजों की तकलीफ दूर हो जाती है।
बुटाटी धाम के नाम से जाना जाता है यह मंदिर
मंदिर कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि राजस्थान के नागौर जिले में बुटाटी धाम में संत चतुरदास जी महाराज का मंदिर स्थित है। यहां देश और विदेश से लोग पैरालिसिस की दिक्कत लेकर आते है और केवल सात दिनों के अंदर आरती व परिक्रमा से मरीजों की यह परेशानी ठीक हो जाती है। दावा किया जाता है कि सात दिनों के बाद मरीज का लकवा ठीक हो जाता है या फिर उसमें बहुत हद तक सुधार देखा जाता है।
मुफ्त में होता है इलाज
मंदिर प्रबंधन कमेटी ने कहा कि बुटाटी धाम में लकवे का इलाज मुफ्त में किया जाता है। यहां आए मरीजों को पहले सात दिनों तक मंदिर में रोका जाता है। सुबह शाम आरती कराई जाती है फिर मंदिर की परिक्रमा की जाती है। इसके बाद भभूत ग्रहण करने से मरीज की तकलीफे खत्म हो जाती है। इसी कारण से पूरे देश से मरीज यहां आते है।
ऐसे करनी होती है परिक्रमा
मंदिर प्रबंधन कमेटी के मुताबिक सुबह की आरती के बाद मरीजों को पहली परिक्रमा मंदिर के बाहर लगानी होती है और शाम की आरती के बाद मंदिर के अंदर परिक्रमा लगाई जाती है। यह दोनों परिक्रमा होने के बाद ही एक परिक्रमा कहलाती है। सातों दिन मरीजों को यह परिक्रमा लगानी होती है।
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