rajasthanone Logo
Alwar Pandupol: राजस्थान के अलवर के सरिस्का एरिया में स्थित पांडुपोल हनुमान मंदिर है, इसको लेकर मान्यता है कि इसी जगह हनुमान जी ने भीम का घंमड तोड़ा था।

Alwar Pandupol: राजस्थान के अलवर जिले में पांडुपोल हनुमान मंदिर है, जो सरिस्का टाइगर रिजर्व के बीच में स्थित है, सरिस्का के कोर एरिया में मंदिर होने के चलते ये सप्ताह में केवल हनुमान जी के विशेष दिनों (मंगलवार और शनिवार) को ही खोला जाता है। इस मंदिर में जाने के लिए निजी वाहनों से का उपयोग कर मंदिर तक जा सकते हो। 

पांडुपोल हनुमान मंदिर की मान्यता

अलवर में इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि इस पांडुपोल मंदिर की जगह पर ही अंजनी पुत्र हनुमान ने कुंती पुत्र भीम का घमंड तोड़ा था। उसके बाद ही इस जगह अर्थात पांडुपोल मंदिर में हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा को विराजमान किया गया था। इस जगह की एक ये भी मान्यता है कि महाभारत काल में अज्ञातवास के समय भीम ने गदा से पहाड़ तोड़कर यहां रास्ता निकाला था। जिससे एक दरवाजा बन गया, इस पहाड़ में भीम द्वारा बनाया यह दरवाजा ही पांडुपोल के नाम से विख्यात है। 

पांडुपोल मेले में दूर-दूर से आते हैं दर्शनार्थी

अलवर के मंदिर में हर साल भादो शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन मेला लगता है। ये मेला अगस्त के महीने में लगता हैं। इस मेले में राजस्थान में ही नहीं, बल्कि दिल्ली, मध्यप्रदेश, हरियाणा व महाराष्ट्र से लाखों की भीड़ में श्रद्धालु हनुमान जी का दर्शन करने आते हैं। इस मेले में अलवर जयपुर मार्ग पर अलवर शहर से 55 किलोमीटर दूर से ग्रामीण बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं, ये मंदिर प्रदेश के प्रमुख पर्यटक स्थलों में गिना जाता है, जो लोगों की अटूट आस्था का केंद्र हैं।

पांडुपोल मेले के लिए व्यवस्था 

पांडुपोल के इस मेले में श्रृदालुओं के लिए सरिस्का गेट से रोडवेज बसों की भी व्यवस्था की जाती है, लेकिन निजी वाहनों को अनुमति नहीं दी जाती है। क्योंकि इस दौरान निजी साधनों से वाहनों की भीड़ के कारण वहा की व्यवस्था बिगड़ सकती है, जिससे वहां पैदल चलने वाले दर्शनार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि इस दौरान लाखों श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन के लिए इस मेले में शामिल होते हैं।

इस मेले में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें पहले दिन स्थानीय लोक कलाकारों को अवसर दिया जाता है। तो वहीं दूसरे दिन प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर के कलाकार कार्यक्रम पेश करते है, इस मेले में भारी पुलिस बल की व्यवस्था की जाती है व जंगल में लोग खाद्य पदार्थों को लोग न डालें व रात के समय जंगल में लाइट की व्यवस्था, लोगों के लिए पूछताछ केंद्र, कंट्रोल रूम सहित अन्य इंतजाम भी किए जाते हैं।

इसे भी पढ़े : Kale Hanuman Mandir: जयपुर का वो प्रसिद्ध मंदिर...जहां काले रंग में विराजमान हैं हनुमान जी, शनिदेव ने दिया था वरदान

5379487