Rajasthan Temple: राजस्थान के मेवाड़ में स्थित प्रसिद्ध कृष्ण धाम श्री सांवलिया सेठ मंदिर में लगातार भक्तों की संख्या में इजाफा हो रहा है। मंदिर की मान्यता है कि यहां श्रद्धालु भगवान श्री सांवलिया सेठ को अपने कारोबार का पार्टनर बनाते है और मनोकामना पूरी होने पर भगवान को उनका हिस्सा अर्पण करते है। बता दें कि मंदिर की दानपेटी को 13 मार्च को खोला गया था। अब तक भंडार से निकले चढ़ावे की रकम को गिनने के तीन चरण पूरे हो चुके हैं। इसमें अभी तक कुल 17 करोड़ 24 लाख 95 हजार रुपये की नकदी की ही गणना की गई है। आज बुधवार को मंदिर के चढ़ावे की चौथे चरण की गिनती की जाएंगी।
13 मार्च से की जा रही है चढ़ावे की गणना
डेढ़ महिने बाद 13 मार्च को राज भोग आरती के बाद मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम, प्रशासनिक अधिकारी नन्द किशोर टेलर की मौजूदगी में मंदिर के भंडार को खोलने का कार्य शुरू किया गया था। बता दें कि पहले चरण की गिनती में कुल 7 करोड़ 55 लाख रुपये की गणना की गई।
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14 मार्च को धुलेंडी और उसके बाद शनिवार व रविवार के चलते राशि की गिनती नहीं हो सकी। जिसके बाद 17 मार्च को दूसरे चरण की गिनती शुरू हुई और इस दौरान 4 करोड़ 97 लाख 20 हजार रुपये की गिनती की गई। तीसरे चरण की बात करे तो 18 मार्च को दानपात्र से 4 करोड़ 72 लाख 75 हजार रुपये के नोटों की गिनती की गई। यानी कुल मिलाकर अब तक 17 करोड़ 24 लाख 95 हजार रुपये की गिनती की जा चुकी है।
मंदिर से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि लोग यहां भगवान श्री सांवलिया सेठ को अपने बिजनेस का पार्टनर बनाते है और मुनाफा होने पर मंदिर के भंडार में चढ़ावा चढ़ाते है। यहां दूर-दराज से लोग भगवान को अपने कारोबार का साथी बनाते है। मंदिर में भंडार के अलावा ऑनलाइन, मनी ऑर्डर, भेंट कक्ष और कार्यालय में भी कई प्रकार के चढ़ावे चढ़ाए जाते है।