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Rajasthan famous temple: राजस्थान के झुंझुनू में स्थित 'रानी सती मंदिर' भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक माना जाता है। मेवाड़ी समाज के लोग दादी मां को कुलदेवी के रूप में पूजते है। इस मंदिर का इतिहास महाभारत के युद्ध से जुड़ा हुआ है।

Rajasthan famous temple: राजस्थान में ऐसे कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं। जहां आज भी श्रद्धालुओं लंबी-लंबी कतारों में भगवान के दर्शन करने के लिए इंतजार करते हैं। ऐसा ही एक मंदिर राजस्थान के झुंझुनू में बना हुआ है जहां हजारों की संख्या में लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यह मंदिर किसी देवी या देवता को नहीं बल्कि एक विशेष व्यक्ति को समर्पित है। इस मंदिर का नाम है 'रानी सती मंदिर'। उन्हें दादी मां के नाम से भी जाना जाता है। बता दें कि मेवाड़ी समाज के लोग दादी मां को कुलदेवी के रूप में पूजते है। 

स्त्री शक्ति का प्रतीक माना जाता है यह मंदिर
मंदिर के पुजारी तारकेश्वर ने बताया कि रानी सती का यह मंदिर ममता, सम्मान और स्त्री शक्ति का प्रतिक माना जाता है। झुंझुनू की पहाड़ियों पर बसा रानी सती का यह मंदिर पूरे भारत का प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर परिसर में माता सती की मूर्ति के अलावा आपको शिव मंदिर, हनुमान मंदिर, ठाकुर जी मंदिर, सीता माता मंदिर औऱ भगवान गणेश का मंदिर भी देखने को मिल जाएगा। 

सती दादी मां का इतिहास 
सती दादी मां का इतिहास से द्वापर युग जुड़ा हुआ है। मंदिर के पुजारी बताते है कि महाभारत युद्ध के दौरान जब अभिमन्यु की चक्रव्यू में मृत्यु हो गई थी। तब उनकी पत्नी और राजा विराज की पुत्री उत्तरा अपने सेवक राणा के साथ युद्ध भूमि पर पहुंची थी। अपनी पति अभिमन्यु के मृत शरीर को देख वह भी अपने पति के साथ सती होना चाहती थी। इसके लिए उन्हेंने अपने सेवक राणा को जंगल में लकड़ियां लेने भेजा।

बताया जाता है कि उनकी चिता को स्वयं भगवान श्री कृष्ण ने अग्नि प्रच्वलित की थी। मरने से पहले उत्तरा ने अपने सेवक राणा को कहा थी कि उनकी चिता की राख को लेकर घोड़े से कूच करें और जिस-जिस जगह उनका घोड़ा रूके वहां उनके नाम का मंदिर बनवा दें। सेवक राणा ने वैसा ही किया जैसा उत्तरा ने कहा था और मंदिर का नाम रानी सती रखने का आदेश दिया था। 

देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है यह मंदिर 
राजस्थान के झुंझुनू में स्थित रानी सती का यह मंदिर भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक माना जाता है। रानी सती दादी मां मारवाड़ी समाज की कुल देवी भी मानी जाती है। साथ ही राजस्थान का यह मंदिर बाहर से देखने पर किसी राजमहल जैसा दिखाई देता है। संगमरमर से बने इस मंदिर की बाहरी दिवारों पर शानदार रंगीन चित्रकारी की गई है।

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