Sadqa-e-Fitr Ramadan: रमजान का पाक महीना मुस्लमानों के लिए बहुत खास होता है, जिसमें माना जाता है कि यह पाक महीना इबादत का होता हैं। रमजान में मुसलमानों के द्वारा रोजा रखा जाता हैं, जिसमें वो पांच बार नमाज पढ़ते हैं और अल्लाह से दुआ मांगते है।
रमजान का पाक महीना
इस्लाम में रमजान सबसे पवित्र और पुण्य किए जाने का महीना होता है, मानते हैं कि इस महिने में जो भी अच्छे काम करते हैं उसका फल बाकी महिनों से कई गुना ज्यादा मिलता है।
रमजान में फितरे का महत्व
रमजान में इबादत और रोजे के साथ फितरे का भी विशेष महत्व है, इस समय इस्लाम में दान पुण्य के सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें सभी मुस्लमान इसके नियमों का पालन करते हुए अपना फर्ज अदा करते हैं। सदका ए फित्र को इस्लाम धर्म में रमजान महीने की माफी भी कहा जाता है, जिसमें रोजे रखने वाले लोग अगर इस दौरान कोई गलती करते हैं, तो उसे सदका ए फित्र के द्वारा गलती की माफी मांग सही किया जा सकता हैं।
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ईद से पहले करते है अदा
इस्लाम धर्म में अल्लाह ने सभी मुस्लमानों पर सदका मुकर्रर फरमाया था, जिसमें रमजान शरीफ के खत्म होने पर खुशी और शुक्रिया अदा करना होता है, जिसे सदका ए फित्र के नाम से जाना जाता है। लेकिन इस्लाम धर्म में ईद की नमाज से पहले अपना और अपने बच्चों का सदका ए फित्र को गरीबों में दिया जाता है क्योंकि इससे ही नमाज अदा किए जाने को कबूल किया जाता है।
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