Sanwaliya Seth Mandir Donation: राजस्थान के प्रसिध्द सांवलिया सेठ मंदिर में चढ़ावे की गिनती प्रारंभ हो गई है। सेठों के सेठ नाम से प्रसिध्द चितौड़गढ़ में यह मंदिर स्थित है। जहां अब तक की गिनती में पैसों का ढेर लग चुका है। पहले राउंड की गिनती में अब तक 4 करोड़ 80 लाख 27 हजार 911 रुपए प्राप्त हो चुके हैं। आगे भंडार की शेष गणना 31 मार्च 2025 के दिन की जाएगी।
कब खुलती हैं मंदिर की दान पेटियां?
आपको बता दें सांवलिया सेठ मंदिर में लाखों भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और उनकी पूर्ति होने पर दान करते हैं। यही कारण है कि मंदिर में करोड़ों की धन राशि एकत्रित हो जाती है। मंदिर की भण्डार पेटियों को साल में एक बार या छह माह में एक बार खोला जाता है। हाल में एक भक्त ने ट्रैक्टर - ट्राली और दूसरे ने चांदी का बैट-बॉल दान किया गया था।
नक़दी के अलावा दान में मिलते हैं सोना- चांदी और विदेशी मुद्रा
मंदिर में नकद राशि के अलावा सोने - चांदी के आभूषण, चांदी की छड़ें और विदेशी मुद्राएं भी मिलती हैं। जिनकी गिनती प्रशासनिक अधिकारियों, मंदिर प्रबंध समिति और पुलिस सुरक्षा के बीच की जाती है। आधुनिक मशीनों की सहायता से गणना की जाती है।
31 मार्च से होगी द्वितीय चरण की गिनती
मंदिर प्रशासन के मुताबिक दान पेटियों के दूसरे चरण की गिनती 31 मार्च 2025 को की जाएगी। उसके बाद ही कुल प्राप्त दानराशि की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
कहां है सांवलिया सेठ मंदिर?
विश्व प्रसिद्ध सांवलिया सेठ मंदिर राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले से 28 किमी दूर पर भादसोड़ा गाँव में स्थित है। अगर आप चितौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से जाएंगे तो इसकी दूरी 41 किलोमीटर पड़ेगी। वहीं, उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट से इस मंदिर की दूरी 65 किमी है।