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विश्व का एकमात्र ॐ के आकार का शिव मंदिर राजस्थान के पाली में है। करीब 250 एकड़ में फैले इस योग मंदिर में 108 कमरे, 12 ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव की 1008 प्रतिमाएं स्थापित हैं। यहां शिव मंदिर के साथ सात ऋषियों की समाधि और इमारत में चार मंजिला स्कूल कॉलेज भी है।

Om Shaped Shiva Temple: भारत ऐसा देश जहां धर्म और ईश्वर की आस्था का विशेष स्थान है। देवों की भूमि कहे जाने वाले भारत में कई मंदिर का जिक्र होता है, वहीं इसकी भव्यताओं की भी विशेष मान्यता होती है। अपनी इन्हीं भव्यताओं के वजह से राजस्थान के पाली में बना विश्व का पहला ॐ के आकार का शिव मंदिर जाना जाता है।

कैसे बना यह भव्य मंदिर?

 इस भव्य मंदिर को बनाने का सपना तीर्थ प्रेणता श्री अलखपूरी सिद्धपिठ परंपरा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महेश्वरानंद महाराज ने 40 वर्ष पूर्व देखा था। मंदिर की संरचना भी बेहद खास है, करीब 250 एकड़ में फैले इस योग मंदिर में 108 कमरे, 12 ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव की 1008 प्रतिमाएं स्थापित हैं। 

क्या है मंदिर की विशेषता?

ओम के आकार का दुनिया का एकमात्र भव्य मंदिर जिसमें आकर्षक कृत्रिम पहाड़ और तालाब भी बनाए गए हैं। इसके अलावा 250 एकड़ में चार मंजिला इमारत और 108 कमरे इस तरह बनाए गए हैं कि ओम आकार पूरा होता है। इस भव्य मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप भगवान शिव का मंदिर है। वहीं मंदिर के अंदर 1008 प्रतिमाएं भगवान शिव की लगी हुई हैं।इसके अलावा यज्ञवेदी जैसा दो मंजिला गुरुकुल, स्वास्तिक आकार में हॉस्टल, और तारानुमा अस्पताल भवन मंदिर परिसर के अंदर मौजूद है।

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भगवान शिव की अलग-अलग प्रतिमाएं भी स्थापित 

इस मंदिर के निर्माण की कई अलग अलग खासियत भी है। जिसमें शिव मंदिर के साथ सात ऋषियों की समाधि, इमारत में चार मंजिला स्कूल कॉलेज, मंदिर की इमारत में नागर शैली का स्थापत्य और वास्तु कला भी उत्तर भारतीय है। वहीं मंदिर में भगवान शिव की अलग-अलग 1008 प्रतिमाएं हैं। इसके अलावा मंदिर में कुल 108 कमरे हैं। इस मंदिर में आश्रम के निर्माण के लिए में धौलपुर का गुलाब बंसी पहाड़पुर का पत्थर उपयोग किया गया है।पर्यटकों को ऊं के आकार यह यह शिव मंदिर काफी आकर्षण का केंद्र रहता है।बी

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