Hathi Gaon: इंसानों के गांवों के बारें में तो आपने सुना होगा लेकिन क्या आपने कभी हाथी गांव के बारे में सुना है? तो आज हम आपको राजस्थान की राजधानी जयपुर के उस गांव के बारें में बताने जा रहे है जिसे सिर्फ हाथियों के लिए बसाया गया था। इस गांव में हाथियों के रहने और खाने के लिए सभी प्रबंध किए गए है। इस गांव को देखने के लिए देश-विदेश से सैलानियां आते है।
आमेर फोर्ट के पास स्थित है यह गांव
यह अनोखा गांव पिंक सिटी के फेमस आमेर फोर्ट के पास कुंडा गांव में बसा हुआ है। यहां दूर-दराज से आए पर्यटक हाथी सफारी का आनंद उठाते है। यहां पर्यटक ना केवल सफारी का मजा ले सकते है बल्कि हाथियों की जीवनशैली के बारें मे भी जान सकते है।
भारत का पहला हाथी गांव
जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर में बसा यह एलिफेन्ट विलेज दुनिया का तीसरा और भारत का पहला हाथी गांव है। क्योंकि ये भारत का एक मात्र हाथी गांव है इसलिए पूरे देश से लोग यहां आकर हाथियों को देखने और इनके बारें में जानने के लिए आते है। यह गांव लगभग 100 एकड़ जमीन पर बना हुआ है।
इस गांव में रहते है कुल 190 हाथी
देश आजाद होने के बाद सरकार द्वारा राजस्थान के आमेर किले को आम जनता के लिए खोल दिया गया था। जिसके बाद यहां हाथी की सफारी पर्यटकों के बीच खासी लोकप्रिय हो गई थी। इसके बाद आमेर के पास दिल्ली रोड पर हाथियों की व्यवस्था के लिए इस गांव को बसाया गया था। राज्य सरकार की ओर से साल 2008 में इस गांव को बनाने की घोषणा की गई थी। फिलहाल इस गांव में कुल 190 हाथी मौजूद है।
देश भर के कोने से लाए गए है हाथी
जयपुर के इस गांव में देशभर के राज्यों से हाथियों को रखा गया है। इसमें असम और केरल के हाथी भी इस गांव में मौजूद है। इस गांव को ब्लॉक में बांटा गया है। पूरे गांव में 20 ब्लॉक है और हर ब्लॉक में तीन थान बनाए गए हैं। इसमें हाथी का नाम व हाथी की पहचान के लिए माइक्रोचिपसरकारी रजिस्ट्रेशन नंबर दाखिल किया जाता है।
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