Jaislmer toursim : राजस्थान अपने किलो को लेकर दुनिया भर में मशहूर है। सैलानियों के लिए राजस्थान का किला हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। हर साल लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटक यहां घूमने आते हैं। राजस्थान के हर भूभाग पर कोई ना कोई कोई किला स्थित है और हर किले के पीछे रहस्य भी छुपा हुआ है।हालांकि, समय के साथ कई किले खंडहर हो गए तो कुछ को होटल और म्यूजियम बना दिया गया जिससे वो अभी भी बचे हैं। लेकिन आप एक किले के बारे में नहीं जानते होंगे। यह किला अपने आप में ही अनोखा है। दुनिया में इस किले के जैसा दूसरा कोई किला मौजूद नहीं है।
राजस्थान के जैसलमेर में मौजूद ये किला जिसे जीवित किला के भी नाम से जानते हैं। इस किले के अंदर वर्तमान समय में चार हजार से अधिक लोग रहते हैं जो पर्यटन के माध्यम से अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जबकि किले में 1000 से अधिक लोग बिना रेंट दिए मुफ्त में रहते हैं।
किले का इतिहास
इस किले का निर्माण 1156 में राजा रावल जैसल ने करवाया था। यूनेस्को धरोहर स्थल में भी शामिल है जो दुनिया का एकमात्र जीवित किला है। 12वीं शताब्दी में इस किले को राजा रावल जैसलमेर ने बाहरी आक्रमणों से सुरक्षा के लिए बनवाया था। किले पर दुश्मनों ने कई बार कब्जा करने की कोशिश की लेकिन कोई भी इस किले को जीत नहीं सका।
जीवित किला क्यों कहा जाता है?
दुनिया भर में जीवित किला के नाम से विख्यात है यह किला। इसे जीवित किला इसलिए कहा जाता है क्योंकि वक्त के अनुसार अन्य किले को लग्ज़री होटलों में बदल दिया गया या छोड़ दिया गया था। महल में रहने वाले निवासियों की 4000 से अधिक संताने इसके किले के अंदर रहती है और पर्यटन के माध्यम से अपना पालन पोषण कर रही हैं।
गोल्डन किला के नाम विख्यात
इसके किले को गोल्डन किला इसलिए भी कहा जाता है जब सूर्य की रोशनी किले के ऊपर पड़ती है तो ऐसा प्रतीत होता है कि किला सोने से बना हुआ है। किले को सुनार किला या गोल्डन किला के नाम से भी जाना जाता है। इस किले का निर्माण पीले बलुआ पत्थर से किया गया है।