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Indus Valley Civilization: राजस्थान का हनुमानगढ़ जिला 'पश्चिम का प्रहरी' के नाम से प्रसिद्ध है। कई इतिहासकारों के मुताबिक यह जिला सिंधु सभ्यता का हिस्सा हुआ करता था।

Indus Valley Civilization: राजस्थान का हर जिला अपने खास इतिहास के लिए जाना जाता है। प्रदेश की उत्तर दिशा में बसे हनुमानगढ़ को 'पश्चिम का प्रहरी' के नाम से जाना जाता है। यह शहर घग्गर नदी के तट पर बसा हुआ है, जिसे ‘ऐतिहासिक सभ्यताओं की भूमि’ भी माना जाता है। इतिहासकारों के द्वारा मिले अवशेषों से जानकारी मिलती है कि यह शहर सदियों पहले सिंधु सभ्यता का एक अहम हिस्सा हुआ करता था।

हनुमानगढ़ का इतिहास 

साल 1994 में हनुमानगढ़ को श्रीगंगानगर जिले से हटाकर अलग जिला बनाया गया था। प्राचीन समय की सरस्वती नदी को आज के समय में घग्गर नदी के नाम से जाना जाता है। भाटी राजपूतों के शासन के कारण हनुमानगढ़ जिले को पहले भटनेर नाम से जाना था, कहा जाता है राजा सूरत सिंह ने मंगलवार के दिन भाटी राजाओं को हराकर इस क्षेत्र पर जीत हासिल की थी जिसके बाद इस जगह को हनुमानगढ़ के नाम से जाने लगा। 

हनुमानगढ़ के प्रमुख स्थल 

1. भटनेर किला

राजस्थान का भटनेर किला राजस्थान के प्राचीन किलों में से एक है। भाटी राजा भूपत के द्वारा 288 ईस्वी में इस किले का निर्माण किया गया था। माना जाता है इस किले पर सबसे ज्यादा हमले हुए। 

2. काली बंगा सभ्यता

हनुमानगढ़ जिले का पीलीबंगा तहसील में सिन्धु घाटी सभ्यता के अवशेष मिले है, जिसके कारण यह स्थान पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। इतिहासकारों के अनुसार यह शहर सिंधु सभ्यता की तीसरी राजधानी हुआ करता था।  

3. गोगाजी का मंदिर

जिले का नोहर तहसील गोगापीर के मंदिर के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह एक ऐसा अनोखा मंदिर है जहां हिन्दू और मुस्लिम दोनों समाज के लोग माथा टेकते हैं।  

4. भद्रकाली मंदिर

हनुमानगढ़ किले से लगभग 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मां भद्रकाली का ऐतिहासिक मंदिर बना हुआ है। घग्गर नदी के पास बने इस मंदिर को महाराजा राम सिंह के द्वारा बनाया गया था। लाल पत्थर से निर्मत माता की मूर्ती के दर्शन करने हजारों की संख्या में भक्त यहां आते हैं।

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