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Nachna Haveli: राजस्थान के जैसलमेर में स्थित नाचना हवेली को साल 1996 में जैसलमेर के संस्थापक राव के वंशज के द्वारा इस हवेली को होटल में तब्दील कर दिया। इस हवेली को बनने में 30 साल का समय लग गया था।

Nachna Haveli Jaisalmer: राजस्थान में कई ऐसी इमारतें, महल, किले और ऐतिहासिक जगहें मौजूद है, जो आज भी यहां आए लोगों को रॉयल अनुभव कराते हैं। राजस्थान की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत के कारण यहां के पर्यटन स्थलों और स्थानीय बाजारों में देशी-विदेशी पर्यटकों की भीड़ उमड़ती है।

पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए साल 1996 में यहां की प्रसिद्ध नाचना हवेली को जैसलमेर के संस्थापक राव के वंशज और हवेली के राजकुमार विक्रम सिंह भाटी के द्वारा होटल में तब्दील कर दिया। यदि आप इस होटल में घूमने आते हैं, तो आपके यहां रॉयल फीलिंग का एहसास होगा, जो इस जगह को बाकी जगहों से अलग बनाता है। 

200 साल से अधिक पुरानी है यह हवेली 

जैसलमेर की नाचना हवेली 200 से ज्यादा वर्ष पुरानी है। इसका निर्माण 180वीं शताब्दी में नाचना दरबार द्वारा कराया गया था। माना जाता है कि इस हवेली को बनाने में 30 साल का समय लगा था। इस महल की खास बात यह है कि इसे मुगल और राजपूत शैली वास्तुकला से बनाया गया है। साथ ही इस पैलेस की दीवारों पर लगी पेटिंग, फर्नीचर और आलीशान झूमर इसकी शान को और बढ़ाते हैं। इस हवेली में आपको तीन आंगन दिखेंगे, यहां की दीवान खाना को पर्यटकों के लिए रॉयल ड्राइंग रूम में बनाया गया है, जिसमें प्राचीन और मध्यकालीन फर्नीचर व कलाकृतियां है। 

एक हिस्से में रहता है राजपरिवार 

इस ऐतिहासिक हवेली के एक हिस्से में राजपरिवार रहता है, वहीं अगला हिस्सा होटल में बदल दिया गया है। इस होटल में कुल 12 कमरे हैं, जिनके अलग-अलग नाम रखें गए हैं। 

ये है 12 कमरों के नाम

गुलाब महल, सजन महल, विजय महल, महेंद्र महल, गोवर्धन महल, बारिश महल, सुल्तान महल, रणजीत महल, नंदिनी महल, आनंद महल, कल्याण महल, फूल महल। इस हवेली के शासक प्रिंस केशरी सिंह भाटी ने कहा कि इस पैलेस में आए मेहमानों का स्वागत राजपरिवार के द्वारा किया जाता है। इसके अलावा यहां आपको रॉयल फैमिली के साथ रहने और शाही जीवन रहने का ऐहसास मिलता है।

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