Bagore Ki Haveli: राजस्थान के उदयपुर के फेमस पर्यटन स्थल का भ्रमण करने का सोच रहे हैं, तो बागोर की किला बेहतर विकल्प माना जाएगा। जिसे 18 वीं शताब्दी में भव्य महल के रूप में बनाया गया था। जो पर्यटकों का शानदार आकर्षण केंद्र है। इस शानदार महल के खूबसूरती में चार चांद लगाता है पिछोला झील। क्यों कि यह महल पिछोला झील किनारे स्थित है, जो वर्तमान समय में संग्रहालय के रूप में भी प्रसिद्ध माना जाता है।
बागोर की हवेली का हिस्ट्री
बागोर की हवेली का निर्माण महाराज महाराणा प्रताप सिंह द्वितीय ने 18 वीं शताब्दी में करवाया था। लेकिन इसके बाद लगभग सौ साल बाद 1878 में बागोर के महाराजा शक्ति सिंह ने महल की खूबसूरती,वास्तुकला, डिजाइन के क्षेत्र का विस्तार करवाया था। इन्होंने इस भव्य हवेली का मुख्य संरचना पर शानदार तीन मेहराबों वाला प्रवेश द्वार बनवाया, जो देखने में बेहद आकर्षक हैं।
इसलिए तब से इस हवेली को बागोर की हवेली के नाम से जाने जाने लगा। इसके बाद इस महल पर अंग्रेजी शासन का कब्जा हो गया। फिर आजादी के बाद इस महल को राजस्थान सरकार अपने अधीन में ले लिया और इसका प्रयोग सरकारी कामों में लगा दिया। लेकिन फिर से इसे लगभग चालीस साल बाद संस्कृति धरोहर के रूप में घोषित कर दिया गया और इसे वर्तमान समय में संग्रहालय के रूप में बना दिया गया।
बागोर की हवेली संग्रहालय के मुख्य विशेषता
अगर आपको राजस्थान के कला से प्रेम है और उसे देखना चाहते हैं, तो आपको इस संग्रहालय के अद्भुत वास्तुकला देखना बहुत पसंद आएगा। बता दें कि इस हवेली में बड़े-बड़े आंगन, बालकनी, पानी का फव्वारा, झरोखे, गलियारे, गुंबद और कई सजावटी मेहराबों की एक शानदार संग्रह है। इस बड़ी सा महल में 138 कमरे हैं, जिनके अंदर के हिस्से में जटिल और बढ़िया शीशे के काम से सजाया गया है। इस हवेली के दीवारों पर आकर्षक शीशे का काम किया हुआ है, जो भित्ति चित्र और मेवाड़ युग की खूबसूरत पेंटिंग है। वही इस संग्राहलय में संस्कृति धरोहर नृत्य भी किया जाता है, जो पर्यटकों का आकर्षण का मुख्य केंद्र माना जाता है।
बागोर हवेली संग्रहालय में प्रवेश का समय
इस संग्रहालय में एंट्री करने का समय 9:30 बजे से शाम के 5 बजे तक है। लेकिन संग्रहालय के अंदर धरोहर नृत्य शो समय शाम 7:00 बजे से 8:00 बजे तक का होता है। इस हवेली में एंट्री करने के लिए भारतीय नागरिक के लिए 50 रू और बच्चों के लिए (5-12) 30 रू की टिकट लगता है। वही विदेशी नागरिकों के लिए 100 रु की टिकट और 150 रू की टिकट लगता है।
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