Rampuria Haveli: राजस्थान का बीकानेर शहर प्रमुख पर्यटन स्थलों और ऐतिहासिक जगहों के लिए जाना जाता है। यहां के खूबसूरत जगहें, राजपुताना सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक कीलें पूरी दुनिया में मशहूर है। स्थापत्य कला के चलते बीकानेर को हजार हवेलियों का शहर के नाम से भी जाना जाता है।
यहां की अनोखी हवेलियां अपनी विभिन्न इतिहास और कला के लिए पूरे विश्व में जानी जाती है। इन्हीं में से एक है रामपुरिया हवेली जो देखने में टाइटैनिक जहाज जैसी नजर आती है। अपनी अनोखी कहानी और खास पहचान के कारण यह देश व विदेश में मशहूर है। सालाना लाखों सैलानी यहां घूमने आते है।
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कब हुआ था हवेली का निर्माण
संस्कृति मंत्रालय के सीनियर फेलो डॉ. रीतेश व्यास ने जानकारी दी कि इस हवेली का निर्माण सन् 1933 में हजारीलाल शिखर चंद रामपुरिया ने करवाया था। तीन तरफ से खुली इस हवेली के बाहर चेहरे पर एक नजर डालने पर यह टाइटैनिक जहाज के जैसी दिखाई देती है। लाल बलुआ पत्थरों से निर्मित ये हवेलियां बीकानेर की ऐतिहासिक संरचनाओं में से एक है।
हवेली की अनोखी नक्काशी
देशी-विदेशी पर्यटक इस हवेली की नक्काशी को अपने फोन और कैमरों में कैद करते है। भारतीय शैली में तैयार इस हवेली के छज्जे इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते है। मध्य एशिया की कलाकृति से बनी पत्थर पर लयदार जाली का आभास कराती पतली नक्काशी भारतीय वास्तुकला का हिस्सा बन गई है।
टाइटैनिक जहाज जैसी दिखाई देती है इमारत
संस्कृति मंत्रालय के सीनियर फेलो डॉ. रीतेश ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा भाप से चलने वाला जहाज टाइटैनिक साउथम्पटन था, जो बर्फ की चट्टान से टकराकर 14 अप्रैल 1912 को साउथम्पटन (इंग्लैंड) में समुद्र में डूब गया था। इसमें कुल 1517 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद इस हवेली का निर्माण किया गया था। इसी कारण से यह हवेली टाइटैनिक जहाज जैसी दिखाई देती है।